poetry in hindi

ae zindagi

Posted 4/23/2015

ज़िंदगी तुझ से न कम मिला न ही ज़्यादा पाया
खुशियाँ मिली तो गमों का भी दौर आया
मिली दीवाली सी रोशनी तो कभी दिया तले अंधेरा पाया
तूने जब दी तनहाई मुड़ के देखा तो साथ कारवाँ पाया

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