उलफ़त ulfat

Posted 4/23/2015

उनकी उलफ़त का ये आलम है 
के कोरे कागज़ पे भी ख़त पढ़ लिया करतें हैं

ज़िन्दगी ऐसी गुलिस्तां बन गयी उनके प्यार में
के कागज़  के फूलों में ख़ुशबू ढूँढ लिया करतें हैं

हम तो फिर भी आशिक़ हैं 
मानने वाले तो पत्थर में ख़ुदा को ढूँढ लिया करतें हैं