यादें yaadein

Posted 4/23/2015

कुछ  यादें  एक  खलिश  सी  होती  हैं 

बरसों  दिल  में  सुलघ्ती  रहतीं   हैं

दबती  छुपती  तो  हैं  मगर  दहकती  रहतीं  हैं

बीतते  सालों  का  मरहम  पा  के  भी  दर्द  देती  हैं 

 

गुज़रा  वक़्त  सब  कुछ  भुला  नहीं  देता 

मन  में  बसा  चेहरा  धुन्दला  नहीं  देता

तेरी  मुस्कान  दिल   में  अभी  भी  गूंजती  हैं

ये पलकें  आज  भी  तुम  को  ढूँढती  हैं

तुम्हे  याद  कर  यह  आँखें  दो  बूँद  और  रो  देती  है

 

नहीं  लिखा  था  शायद  साथ   तुम्हारा 

होगी किसी  खुदा  की मर्ज़ी  पर  हमें  नहीं  है  गवारा 

गलती  तो  खुदा  से  भी  होती है

यादें  आ  आ  कर  बस  येही  सदा  देती  हैं