ये जो है ज़िन्दगी…

Posted 5/18/2016

आजकल कुछ बदल सी गयी है ज़िन्दगी

चलती तो है मगर कुछ थम सी गयी है ज़िन्दगी

मानो मुट्ठी में सिमट ही गयी है ज़िन्दगी

साढ़े पांच इंच के स्क्रीन में कट रही है ज़िन्दगी

 

इंसानों से स्मार्ट फोनों में

बढ़ती भीड़ के तन्हा  कोनों में

लोगो की बंद ज़ुबानों में

कच्चे या पक्के मकानों में

 

बस अब अकेले मुस्कुराने का नाम है ज़िन्दगी

संग हमसफ़र के एकाकी बीतने का नाम है ज़िन्दगी

आजकल कुछ बदल सी गयी है ज़िन्दगी

चलती तो है मगर कुछ थम सी गयी है ज़िन्दगी

 

आजकल  बच्चे पड़ोस की घंटी नहीं बजाते

गुस्सैल गुप्ता जी का शीशा फोड़ भाग नहीं जाते

स्कूल बस के स्टॉप पे खड़ी मम्मियाँ आपस में नहीं बतियाते

दफ्तर से लौट दिन भर की खबर मांगने वाले वो पापा नहीं आते

 

अब फेसबुक पे लाइक और  चैट-ग्रुप में क्लैप करने का ढंग है ज़िन्दगी

फुल एचडी विविड कलर में भी बेरंग हो चली है ज़िन्दगी

आजकल कुछ बदल सी गयी है ज़िन्दगी

चलती तो है मगर कुछ थम सी गयी है ज़िन्दगी